CTET September 2014 – Paper – I (Hindi Language) Answer Key

परीक्षा (Exam) – CTET Paper I Primary Level (Class I to V)
भाग (Part) –  Part – IV (Hindi Language)
परीक्षा आयोजक (Organized) – CBSE
कुल प्रश्न (Number of Question) – 30
परीक्षा तिथि (Exam Date) –  September 2014


निर्देश (प्र.सं. 91 से 99 तक) : नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए:
गुलजार जी, क्या लिखते समय पाठक आपके चिंतन में होते हैं?
देखिए, जब मैं लिखता हूँ, मेरे जेहन में मैं होता हूँ। मैं तय करता हूँ, मुझे क्या करना है। मैं पहले यही तय करता हूँ। बात मझे अपनी कहनी होती है। पाठक को सामने रखकर लिखने का कोई मतलब नहीं होता। दूसरी महत्त्वपूर्ण बात मैं महसूस करता हूँ वह है कम्युनिकेशन…… अपनी बात को पाठक तक पहुँचाना…. आर्ट ऑफ कम्युनिकेशन…. हाँ मैं अपने लेखन को इस कसौटी पर रखता हूँ। मीडिया से जुड़े होने के कारण कहने के तरीके को लेकर मैं सोचता अवश्य हूँ। विषय मेरे होते हैं, मेरी बात सही है या नहीं। आप अपनी ग्रोथ के साथ एक अहाता बनाते चलते हैं। हर फाइन आर्ट लोगों तक पहुँचनी ही चाहिए। संगीत हो, कला हो, या लेखन हो वो अपने लक्ष्य तक पहुँचनी चाहिए, कहने का ऐसा तरीका तो होना ही चाहिए।
Q91. जब गुलजार लिखते हैं तो विषय किसके होते हैं?
A. पाठकों के
B. फिल्म बनाने वालों के
C. स्वयं उनके
D. मीडिया के


Q92. गुलजार के अनुसार लिखने वाले के जेहन में स्वयं लेखक होता है। – इसका आशय यह है कि
A. लेखक स्वयं को सर्वोपरि मानता है
B. लेखक पाठक की उपेक्षा करता है
C. लेखक को अपनी ग्रोथ चाहिए
D. लेखक की संवेदनाएँ, आत्मानुभूति केंद्र में होती है।

Q93. एक लेखक के लिए दूसरी महत्त्वपूर्ण बात क्या है?
A. संप्रेषण
B. मीडिया
C. कला
D. लेखन

Q94. किसी भी कला का लक्ष्य क्या है?
A वह सुंदर तरीके से कही गई हो
B. लोगों तक वह बात पहुँचे
C. मीडिया द्वारा सराहा जाए
D. सरल भाषा का प्रयोग करना

Q95. गुलजार अपने लेखन को किस कसौटी पर कसते हैं?
A. वह बात पाठक तक पहुँच रही है या नहीं
B. वह व्यंग्य भरे अंदाज में कही गई है या नहीं
C. वह सब लोगों द्वारा सराही गई है या नहीं
D. मेरी ग्रोथ हो रही है या नहीं

Q96. गुलजार लिखने से पहले क्या तय करते हैं?
A. किसके लिए कहना है
B. क्या कहना है
C. कैसे कहना है
D. क्यों कहना है

Q97. ‘जेहन’ का अर्थ है
A. दिल
B. दिमाग
C. खयाल
D. सपना

Q98. ‘संगीत’ से विशेषण शब्द बनेगा
A. संगीता
B. संगीतज्ञ
C. संगीतवाला
D. संगीतवान

Q99. ‘कहने का ऐसा तरीका तो होना ही चाहिए।’ वाक्य में निपात शब्द
A. ऐसा, तो
B. तो, का
C. ही, ऐसा
D. तो, ही

निर्देश (प्र.सं. 100 से 105 तक) : कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे सबसे उचित विकल्प चुनिए।
जब नहीं था
इन्सान
धरती पर थे जंगल
जंगली जानवर, परिंदे
इन्हीं सबके बीच उतरा
इन्सान
और घटने लगे जंगल
जंगली जानवर, परिंदै
इन्सान
बढ़ने लगा बेतहाशा
अब कहाँ जाते जंगल,
जंगली जानवर, परिंदै
प्रकृति किसी के साथ
नहीं करती नाइन्साफी
सभी के लिए बनाती है जगह
सो अब
इन्सानों के भीतर उतरने लगे हैं।
जंगल, जंगली जानवर
और परिंदे
Q100. धरती पर इन्सान के आने के बाद क्या हुआ?
A. जंगल घटने लगे
B. जानवर घटन लगे
C. पक्षी घटने लगे
D. उपर्युक्त सभी

Q101. ‘इन्सान बढ़ने लगा बेतहाशा’ का भाव है
A इन्सान खूब तरक्की करने लगा
B. इन्सान खूब तेज भागने लगा
C. इन्सान खूब बड़ा होने लगा
D. इन्सान अपने पैरों पर चलने लगा

Q102. प्रकृति किसके प्रति नाइंसाफी नहीं करती? ‘
A जंगल के प्रति
B. पशु-पक्षियों के प्रति
C. इन्सानों के प्रति
D. उपर्युक्त सभी के प्रति

Q103. कविता के अंत में क्या व्यंग्य किया गया है? .
A प्रकृति ने इन्सानों के प्रति नाइंसाफी की
B. इन्सानों में अब इंसानियत खत्म हो गई है
C. इन्सानों के भीतर जंगल की तरह पेड़ उग आए हैं।
D. इन्सानों ने जंगल उगाना शुरू कर दिया है

Q104. ‘अब कहाँ जाते जंगल’ का भाव है कि
A. अब जंगल कहीं जाने लायक नहीं रहे
B. अब जंगल खूब बढ़ने लगे
C. अब जंगल समाप्त होने लगे
D. अब जंगलों में परिंदे नहीं रहते।

Q105. ‘जंगल’ का पर्यायवाची नहीं है ।
A. बगीचा
B. वन
C. कानन नों में परिंदे नहीं रहत .
D. अरण्य

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