संवेग संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Momentum)

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न्यूटन के तीसरे नियम द्वारा विज्ञान का एक ओर महत्वपूर्ण नियम ज्ञात होता है जिसे संवेग संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Momentum) कहते हैं। संवेग संरक्षण के नियम को  गति के दूसरे नियम से निगमन कर सकते हैं।

यदि एक या एक से अधिक वस्तुएं द्वारा एक दूसरे पर पारस्परिक बल लगाया जा रहा  तो इस क्रिया के पूर्व व पश्चात् उनका कुल संवेग संरक्षित रहता है, जब तक कि उन पर कोई बाह्य बल ना लगाया जाए।

p = mv

p =  संवेग (Momentum)
m = द्रव्यमान (mass)
v =  वेग (velocity)

किसी भी वस्तु के द्रव्यमान (mass) और वेग (velocity) के गुणनफल को ही संवेग (momentum) कहा जाता है।

उदाहरण

  • जब बंदूक से गोली चलाई जाती है, तो वह अत्यधिक वेग से आगे की ओर बढ़ती है, जिससे गोली में आगे की दिशा में संवेग उत्पन्न हो जाता है। गोली भी बंदूक को प्रतिक्रिया बल के कारण पीछे की ओर धकेलती है, जिससे उसमें पीछे की ओर संवेग उत्पन्न हो जाता है।
  • बंदूक चलाने वाले व्यक्ति के द्वारा बंदूक को अपने कंधे से दबाकर रखता है ताकि बंदूक व शरीर एक हो जाएं, ऐसा होने पर द्रव्यमान में वृद्धि हो जाती है व शरीर को जोर से झटका नहीं लगता है।

Note −  बंदूक का संवेग, गोली के संवेग के बराबर किंतु विपरीत दिशा में होता है।

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