भारतीय मानसून की उत्पत्ति के प्रमुख सिद्धांत

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भारतीय कृषि (Indian Agriculture) मुख्यत: मानसून (Monsoon) पर आधारित है, मानसून की उत्पत्ति के संबंध में विभिन्न विद्वानों ने अनेक संकल्पनाएँ प्रस्तुत की गयी। मानसून की उत्पत्ति की दो प्रमुख संकल्पनाएँ निम्नलिखित है –

  1. तापीय संकल्पना
  2. नवीन संकल्पना

तापीय संकल्पना

इस संकल्पना के अनुसार, मानसून की उत्पत्ति (monsoon originates) स्थल एवं जल के असमान संगठन तथा उनके गर्म एवं ठण्डा होने के विरोधी स्वभाव के कारण होती है। अर्थात्, मानसून पर सूर्य के उत्तरायण (Uttarayan) एवं दक्षिणायन (Dakshinayan) होने का भी प्रभाव पड़ता है।

नवीन संकल्पना

इस संकल्पना के अनुसार, मानसूनी हवाओं (Monsoon winds) की उत्पत्ति वायुदाब और हवाओं की पेटियों के खिसकाव के कारण होती है। इस संकल्पना का प्रतिपादन फ्लोन नामक विद्वान ने किया था।

मानसून की उत्पत्ति से सम्बंधित चार प्रमुख सिद्धांत

  1. मानसून की उत्पत्ति का तापीय सिद्धांत
  2. मानसून की उत्पत्ति का विषुवतीय पछुआ पवन सिद्धांत
  3. मानसून की उत्पत्ति का जेट स्ट्रीम सिद्धांत
  4. मानसून की उत्पत्ति का एल नीनो (El Niño) सिद्धांत

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