गति - भौतिक विज्ञान

गति (Motion)

गति (Motion)

जब कोई वस्तु समय के साथ अपनी स्थिति में परिवर्तन करती है, तो वस्तु कि इस अवस्था को गति (Motion) कहा जाता है।

सामान्य शब्दों में वस्तु की स्थिति में परिवर्तन को हम गति (Motion) कहते हैं। जैसे – पक्षी वायु में उड़ते है, मछलियां पानी में तैरती है, शिरा और धमनी में रक्त का प्रवाह आदि।

गतियां बहुत जटिल होती है कुछ वस्तुएं सीधी रेखा में तो कुछ वस्तुएं वृत्तीय पथ पर गति करती हैं। जबकि कुछ वस्तुएं घूर्णन अथवा कुछ कंपन कर सकती है ऐसी भी स्थिति हो सकती है कि यह सभी गतियां एक साथ संपन्न हो।

गति के प्रकार (Types of Motion)

एकसमान गति (Uniform Motion) 

जब कोई वस्तु एक निश्चित अंतराल में एक निश्चित दूरी तय करती है, तो इसे वस्तु की एकसमान गति कहा जाता है।

उदाहरण – किसी वस्तु को कुल 30 Km की दूरी 3 घंटे में तय करनी है।  तो यदि वस्तु पहले घंटे में 10 Km की दूरी तथा दूसरे घंटे में भी 10 Km  की दूरी तथा तीसरे घंटे में भी 10 Km  की दूरी तय करें तो इसे वस्तु की एकसमान गति (Uniform Motion) कहा जाता है।

असमान गति (Non Uniform Motion) 

जब कोई वस्तु एक गति तथा दिशा परिवर्तित करती रहती है, तो इसे वस्तु की असमान गति कहा जाता है।

उदाहरण – किसी वस्तु को कुल 30 Km की 3 घंटे में तय करनी है।  तो यदि वस्तु पहले घंटे में 15 Km की दूरी तथा दूसरे घंटे में भी 5 Km  की दूरी तथा तीसरे घंटे में भी 15 Km  की दूरी तय करें तो इसे वस्तु की असमान गति (Non Uniform Motion) कहा जाता है।

वृत्तीय गति (Circular Motion)

जब कोई वस्तु किसी वृताकार मार्ग के चारो ओर गति करती है, तो इस प्रकार की गति को वृत्तीय गति या वर्तुल गति कहते है।

दोलन गति (Oscillation Motion)

जबी कोई वस्तु किसी निश्चित पथ पर किसी निश्चित बिंदु के सापेक्ष इधर-उधर गति करता है, तो इस प्रकार की गति को दोलन गति या कंपन गति कहते हैं।

आवर्त गति 

वह गति, जिसमें कोई वस्तु एक निश्चित समय अंतराल के बाद अपनी स्थिति को दोहराती है, तो इस प्रकार की गति आवर्ती गति कहलाती है। जैसे – ह्रदय का धडकना, सरल लोलक की गति आदि।

घूर्णन गति 

जब कोई वस्तु अपने ही अक्ष के चारो ओर गति करती है तो इस प्रकार की गति को घूर्णन गति कहते है। जैसे – पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूर्णन।

परिभाषाएं

दूरी (distance): दो वस्तुओं के मध्य की लम्बाई को दूरी कहते हैं। यह एक अदिश राशि है, जो सदैव धनात्मक (+ve) होती हैं। इसका S.I. मात्रक मीटर/सेकंड है।

विस्थापन (displacement): दो बिंदुओं के मध्य की न्यूनतम दूरी को विस्थापन कहते है। यह सदिश राशि है, क्योंकि इसमें दिशा और परिमाण की आवश्यकता होती है । विस्थापन धनात्मक (+ve), ऋणात्मक (-ve) और शून्य भी हो सकता है। इसका S.I. मात्रक मीटर है।

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